By : Abhishek mishra   |   16-08-2018    |    Views : 0007485



निंदा करना आसान है, संस्थान को मजबूत करना मुश्किल: CJI


देश के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने न्यायपालिका के अंदर और बाहर से उठने वाली विरोध की आवाजों पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि निंदा करना बहुत आसान है, लेकिन 'व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और शिकायतों' को अलग रखकर एक संस्थान को मजबूत करना मुश्किल है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन की ओर से आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा, 'एक सिस्टम की निंदा, हमला और उसे नष्ट करना बहुत आसान है, लेकिन उसके अच्छे प्रदर्शन में योगदान देना बहुत मुश्किल और चुनौतीपूर्ण है। इसके लिए व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और शिकायतों को अलग रखना पड़ता है।'