By : Abhishek Mishra   |   11-03-2019    |    Views : 0005024



कोमा में मरीज, दिमाग में भरा फ्लूड फिर भी हार नहीं माने डॉक्टर


राजधानी स्थित किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के आरआईसीयू यूनिट में 71 वर्षीय मरीज की जिंदगी बचा कर डॉक्टर्स की टीम ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मरीज उम्रदराज होने के साथ ही कोमा में थाउसकी सांस नली चोक थीफेफड़े काम नहीं कर रहे थे और दिमाग में फ्लूड भी भरा हुआ था। बावजूद इसके डॉ की टीम ने हार न मानते हुए विपरीत परिस्थितियों में भी मरीज की जान बचाने का काम किया। मरीज को होश में लाने के लिए उसे 37 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया इस बीच दो बार उसका दिल फेल हुआ और दोनों बार उसे कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन यानी सीपीआर देना पड़ा और बार ब्रॉन्कोस्कोपी करनी पड़ी। गौरतलब है कि 71 वर्षीय आजमगढ़ निवासी बलिहारी यादव को 29 जनवरी को ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया था। उस दौरान बलिहारी को दिमागी बुखार और निमोनिया की शिकायत बताई गयी थी। कोमा में बेहोशी की हालत में उल्टी होने के कारण बलिहारी की सांस नली चोक हो गयी और उनके फेफड़े भी ठीक ढ़ंग से काम नहीं कर रहे थे। इलाज के दौरान पल्मोनरी ऐंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन के हेड डॉ वेद प्रकाश की टीम ने पाया कि इंफेक्शन के कारण मरीज के शरीर के भीतर ब्लीडिंग हुई जिसके चलते भीतर ही खून के थक्के भी जम गये। यह थक्के एक्स-रे की भी पकड़ में नहीं आ रहे थे। जिसके चलते ब्रॉन्कोस्कोपी किये जाने पर इसका पता चला।