By : Ashish Awasthi   |   10-03-2019    |    Views : 0004993



छापेमारी करने गए पुलिसकर्मियों ने कारोबारी को लूटा, चार गिरफ्तार


यूपी की राजधानी लखनऊ में चौंका देने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर खाकी को शर्मसार किया है। दरअसल, पुलिस के अधिकारियों पर डकैती का आरोप लगा है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर दो दारोगा समेत सात लोगों के खिलाफ डकैती समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि पुलिस ने दो दारोगा सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, काले धन की सूचना पर गोसाईंगंज पुलिस ने सुल्तानपुर के कोयला कारोबारी अंकित अग्रहरि के ओमेक्स रेजीडेंसी स्थित फ्लैट पर छापेमारी की। इस दौरान जब पुलिस वालों ने करोड़ों रुपए देखे तो उनकी नियत खराब होने में देर नहीं लगी। 

कारोबारी का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने उसे और उसके साथियों को पीटा और 1.85 करोड़ रुपए लूट लिए। इसके बाद पुलिसकर्मी कारोबारी और उसके साथियों को 1.53 करोड़ की नकदी के साथ गिरफ्तार कर थाने ले आए, लेकिन पुलिस कर्मियों का पासा तब उल्टा पड़ गया, जब पता चला कि ये कारोबारी कैबिनेट मंत्री के पीए का बहुत करीबी है और धन ब्लैकमनी नहीं है। वहीं, जब ये बात अधिकारियों तक पहुंची तो पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। 

सूचना मिलने पर अफसरों ने क्राइम ब्रांच की टीम को आरोपी पुलिस कर्मियों के घर भेजा तो उनके आवास से 36 लाख रुपए बरामद किए गए। इसके बाद पीड़ित की तहरीर पर दोनों पुलिस कर्मियों सहित सात लोगों के खिलाफ डकैती और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। 

एसएसपी ने बताया कि दारोगा पवन मिश्रा, आशीष तिवारी और कांस्टेबल प्रदीप कुमार भदौरिया को निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, कांस्टेबल प्रदीप कुमार भदौरिया के ड्राइवर आनंद यादव को भी पुलिस टीम ने दबोच लिया है।