By : Abhishek mishra   |   23-06-2018    |    Views : 00031



सुप्रीम कोर्ट पहुंचा अहमदाबाद के सहकारी बैंक का मामला


अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक में नोटबंदी के पहले और बाद में अरबों रुपये के पुराने नोट जमा होने के राज खोलने वाला मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. 22 जून को सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत याचिका दाखिल कर दी गई. याचिकाकर्ता मुंबई के आरटीआई एक्टिविस्ट मनोरंजन संतोष रॉय हैं. रॉय पर मुंबई हाईकोर्ट ने गलत दलीलों और तथ्यों से अदालत को गुमराह करने की कोशिश करने की शिकायत मंजूर करते हुए जुर्माना तक लगाने की चेतावनी दी थी.अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक में नोटबंदी के पांच दिनों के भीतर 745 करोड़ साठ लाख से भी ज्यादा रकम जमा होने की जांच कराने वाली जनहित याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट खारिज कर चुका है. इससे पहले याचिका में रॉय ने प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और गृह मंत्रालय को भी पक्षकार बनाया था. आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक 2000 से 2011 के बीच सरकारी छापे खाने से पांच सौ के 19 अरब 45 करोड़ 40 लाख नोट रवाना किए गए. लेकिन रिजर्व बैंक तक पहुंचे सिर्फ 18 अरब 98 करोड़ 46 लाख 84 हजार नोट. यानी 46 करोड़ 93 लाख 16 हजार नोट कहां गए इसका कोई हिसाब नहीं मिला.