By : Abhishek mishra   |   29-07-2018    |    Views : 0005887



सावन के महीने में इस अचूक मंत्र के जाप से होंगे भगवान शिव प्रसन्न


सावन के महीने में भक्त अपने आराध्य शिव को प्रसन्न करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते है. कहा जाता है कि सावन के महीने में शिव की आराधना से अमोघ फल मिलता है. मान्यता है कि यदि शिव को सच्चे मन से याद कर लिया जाए तो शिव प्रसन्न हो जाते हैं. भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं. शिव का अर्थ है कल्याणकारी. भगवान शिव को भोलेनाथ, शिवशंकर, शिवशम्भू, नीलकंठ और रूद्र आदि नाम से भी जाना जाता है. भगवान शिव की उपासना के लिए भक्त कई मंत्रों का जाप करते हैं. वहीं, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अगर आप 'पंचाक्षर स्त्रोत' का पाठ करते हैं तो, आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाएंगी. पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव की 'पंचाक्षर स्त्रोत' से स्तुति करने से भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं. ॐ नमः शिवाय:' पंचतत्वमक मंत्र है इसे शिव पंचक्षरी मंत्र कहते हैं. इस पंचक्षरी मंत्र के जाप से ही भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं. अगर आप 'ॐ नमः शिवाय:' के साथ 'पंचाक्षर स्त्रोत' का पाठ करेंगे तो, आपको फल की प्राप्ति शीघ्र होगी. जिस प्रकार सभी देवताओं में देवाधिदेव महादेव सर्वश्रेष्ठ है, उसी प्रकार भगवान शिव का पंचाक्षर मन्त्र ‘नमः शिवाय’ श्रेष्ठ है. वहीं, 'पंचाक्षर स्त्रोत' अत्यधिक फलदायी माना जाता है. आपको बता दें कि केसर, चीनी, इत्र, दूध, दही, घी, चंदन, शहद, भांग, सफेद पुष्प, धतूरा और बिल्व पत्र आदि नीलकंठ को प्रिय है. भक्तों को ध्यान देना चाहिए कि बिल्व पत्र के तीनों पत्ते पूरे होने चाहिए, खंडित पत्र कभी न चढ़ाएं. वहीं, शिवलिंग पर कुमकुम, केतकी एवं केवड़े के पुष्प अर्पित नहीं किए जाते हैं.